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Anshu sharma

Inspirational

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Anshu sharma

Inspirational

जरा सोचिये

जरा सोचिये

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मानो या ना मानो यह बात पते की है 

पानी बिकता था, अब ऑक्सीजन बिकती है 

संभल जाओ... पर्यावरण को नुकसान से बचाओ

दूसरों पर तोहमत मत लगाओ, कुछ अपने आप भी करते जाओ।


कचरा हटाओ, प्लास्टिक हटाओ, पेड़ लगाओ 

एक दूसरे का साथ निभाओ, पर्यावरण अच्छा बनाओ 

मानो या ना मानो यह बात पते की है...


जो नदियां पानी देती थी, वह अब सूख गयी

पहाडो की मिट्टी भी टूट गयी

हरियाली की लाओ बहार,

अगली पिढियों पर करो उपकार

मानो या ना मानो ये बात पते की है...


बहते पानी पर रोक लगाओ,

एक एक बुंद पानी बचाओ

वर्षा आये तो, पानी को प्रयोग में लाओ

बिजली बनाओ, खेत-खलिहान भिजवाओ

मानो या ना मानो ये बात पते की है...


पानी बडा अनमोल, सोचा ना था खरीदेगें मोल

अब आ गयी साँसो की बारी, आॅक्सीजन खरिदने की ना करो तैयारी।

प्रकृति रूठी है उसे मनाओ, शुद्ध हवा के लिए पेड उगाओ

मानो या ना मानो ये बात पते की है।


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