रिश्ते
रिश्ते
जब भी रूठे अपने,
मना लिया कीजिए,
वरना वो भी खो जाएंगे,
और हो जाएंगे सपने।
दुनिया में रिश्तों के सिवा,
कुछ भी नही बचता है,
रिश्तों की डोर से ही सब,
मिल के जिया करते हैं।
अपने हो या पराएं रिश्ते,
देखो कहीं न जाए खिसके,
बहुत महंगे हो गए हैं,
अब सम्हालना ये रिश्ते।
