STORYMIRROR

मानसिंह मातासर

Tragedy

4  

मानसिंह मातासर

Tragedy

रहस्य / राज़

रहस्य / राज़

1 min
263

संकेतों को माने कौन,

राज़ प्रकृति का जाने कौन।


तेल, गैस या मिट्टी पत्थर,

रोज निकालते हैं जी भर।


संसाधनों का दुगुना दोहन,

नगण्य हुआ है वृक्षारोपण ।


भू का बिगड़ गया संतुलन,

भूकम्प बढ़ाते हैं धड़कन ।


अतिवृष्टि तो कभी अनावृष्टि,

आकुल व्याकुल समस्त सृष्टि।


मात प्रकृति का करो ख्याल,

वरना होंगे खस्ता हाल ।।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Tragedy