Shabnam Parveen
Fantasy
आपकी याद आती रही रात भर
शबनमी आंखें मुस्कुराती रही रात भर।
रात भर दर्द का चिराग़ जलता रहा
ग़म की लाॅ थरथरती रही रात भर।
यादो की शमा जलती रही
शमा की रोशनी जगमगाती रही रात भर।
कई लहरें उठती रही
कई मौजें साहिल से टकराती रही रात भर।
मेरी याद में
अजनबी
रात भर
हमारी कहानी
जीवन एक सागर
मेरा बचपन
तेरा इंतज़ार
भोग के लिए होती नहीं है सत्ता सेवा के लिए। भोग के लिए होती नहीं है सत्ता सेवा के लिए।
रूह से रूह ने मिलके सीखा देह का हर एक दाग़ छुपाना...! रूह से रूह ने मिलके सीखा देह का हर एक दाग़ छुपाना...!
मुझसे दूर हो मगर ये हमेशा मुझे तुम्हारी याद दिलाते रहते हैं। मुझसे दूर हो मगर ये हमेशा मुझे तुम्हारी याद दिलाते रहते हैं।
ला साकी थोड़ी तो और शराब ला सागर को छलकने दे जी भर के तू अभी अंजुम की रोशनी में भी खि ला साकी थोड़ी तो और शराब ला सागर को छलकने दे जी भर के तू अभी अंजुम की रोशन...
अनंत अंतर- आकाश में, काली घटा घिर आई, अनंत अंतर- आकाश में, काली घटा घिर आई,
शबनम की बूँद प्यार के खुमार में भौंरों के गुंजन गान में गुलशन गुलज़ार में शबनम की बूँद प्यार के खुमार में भौंरों के गुंजन गान में गुलशन गुलज़ार में
मेरे प्यार करने का मेरे लिखने का लहज़ा हो तुम मेरे प्यार करने का मेरे लिखने का लहज़ा हो तुम
या हर हासिल की ऊंचाई में एक खोखलापन रह जाएगा? या हर हासिल की ऊंचाई में एक खोखलापन रह जाएगा?
इस हरे-भरे जंगल में, समय का कोई पता नहीं चलता। इस हरे-भरे जंगल में, समय का कोई पता नहीं चलता।
याद है मुझे वो आपकी हर एक पसंद जो कभी बताया था नहीं मुझे याद है मुझे वो आपकी हर एक पसंद जो कभी बताया था नहीं मुझे
मैं भी शायद गलत वक्त पर गुलाब था ले आया वो बेहद शर्मा गई थी उसे कोई अच्छा बहाना ना मैं भी शायद गलत वक्त पर गुलाब था ले आया वो बेहद शर्मा गई थी उसे कोई अच्छा ब...
कविता सिर्फ नदी की कल कल बहती धार नहीं है कविता उन आशंकित नदी के किनारों की व्यथा है कविता सिर्फ नदी की कल कल बहती धार नहीं है कविता उन आशंकित नदी के किनारो...
सोच सोच में भी अंतर होता है, कुछ अच्छे होते हैं और कुछ बुरे होते हैं। सोच सोच में भी अंतर होता है, कुछ अच्छे होते हैं और कुछ बुरे होते हैं।
तुमसे मिलकर अक्सर नज़रें झुकाते है, हवा से भी नज़रें नहीं मिला पाये, तुमसे मिलकर अक्सर नज़रें झुकाते है, हवा से भी नज़रें नहीं मिला पाये,
मिल गयी दुनियां के झमेले में जान मिल गयी। मिल गयी दुनियां के झमेले में जान मिल गयी।
तब इन्हीं रंगों को देख थोड़ा सुख चैन पाता हूँ तब इन्हीं रंगों को देख थोड़ा सुख चैन पाता हूँ
इसलिए वह कुछ बोलता नहीं है सिर्फ देखता रहता है, मुस्कुराता रहता है। इसलिए वह कुछ बोलता नहीं है सिर्फ देखता रहता है, मुस्कुराता रहता है।
वो लोग जिन्होंने देखा ये चेहरा तो कई दफ़ा फिर भी पढ़ा नहीं इस चेहरे को कभी , वो लोग जिन्होंने देखा ये चेहरा तो कई दफ़ा फिर भी पढ़ा नहीं इस चेहरे को कभी ...
उसमें है जीवन की गाथा, हर राज का खुलासा। उसमें है जीवन की गाथा, हर राज का खुलासा।
राष्ट्रपति मुर्मू जी इस संसार में महान किरदार है। राष्ट्रपति मुर्मू जी इस संसार में महान किरदार है।