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Surendra kumar singh

Fantasy

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Surendra kumar singh

Fantasy

रास्ते

रास्ते

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रास्ते भी खुश हैं

अजनबी से।


कोई पहली बार इधर से

गुजर रहा है


सफर जारी रहा तो

जान पहचान हो ही जायेगी


और मंजिल भी खुश है

अजनबी के अपनापन से।


अभी प्यार न सही

रास्ता तो प्यार का है न।


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