Surendra kumar singh
Fantasy
रास्ते भी खुश हैं
अजनबी से।
कोई पहली बार इधर से
गुजर रहा है
सफर जारी रहा तो
जान पहचान हो ही जायेगी
और मंजिल भी खुश है
अजनबी के अपनापन से।
अभी प्यार न सही
रास्ता तो प्यार का है न।
एक पल
तुम्हारे आगोश...
चलते चलते
तुम्हारा होना
एहसास
आज
चलो
सुबह है
चेहरे पर मुस्...
जाना चाहूँ तेरे पास तेरी पनाहों में... बदनसीब ज़िन्दगी, बिरह में पलता हे.. जाना चाहूँ तेरे पास तेरी पनाहों में... बदनसीब ज़िन्दगी, बिरह में पलता हे..
अब कहो कैसे करूँ मैं इंतज़ार इतवार का। अब कहो कैसे करूँ मैं इंतज़ार इतवार का।
क्या इनके भी आने जाने का समय कोई लिखता होगा ? क्या इनके भी आने जाने का समय कोई लिखता होगा ?
हम बे-ख़ौफ कह देते हैं हँस कर ख़ुदा-हाफ़िज़ जाने वाले को रोकने का इरादा क्यूँ किया जाय हम बे-ख़ौफ कह देते हैं हँस कर ख़ुदा-हाफ़िज़ जाने वाले को रोकने का इरादा क्यूँ...
सुरसती अब तेरा वंदन, शुद्ध कर दे युगल का मन ! सुरसती अब तेरा वंदन, शुद्ध कर दे युगल का मन !
पलकों के इन झरोखों से थोड़ा पानी बरसा है पूछती हैं वो बूँदें जो करती हैं रुसवाइयाँ पलकों के इन झरोखों से थोड़ा पानी बरसा है पूछती हैं वो बूँदें जो करती हैं रुसवा...
कैसे कहूँ तेरी यादों के लिफाफों में आज भी ढूंढती हूँ मैं तुझे...? कैसे कहूँ तेरी यादों के लिफाफों में आज भी ढूंढती हूँ मैं तुझे...?
जब मेरा अपना आशियाना था, हर तरफ मेरा ही फसाना था।। जब मेरा अपना आशियाना था, हर तरफ मेरा ही फसाना था।।
तुम्हें तो अच्छा लग रहा होगा कि मेरे लिए लोग क्या नहीं कर रहे है तुम्हें तो अच्छा लग रहा होगा कि मेरे लिए लोग क्या नहीं कर रहे है
ताज्जुब नहीं किस्मत पे, गर्व बड़ा होता है मिला जो साथ तेरा, करोड़ों में एक होता है ताज्जुब नहीं किस्मत पे, गर्व बड़ा होता है मिला जो साथ तेरा, करोड़ों में एक होत...
ताकि तटस्थ सी हो रही मेरी अभिव्यक्ति, सजीव हो बन जाए एक अनमोल कृति, ताकि तटस्थ सी हो रही मेरी अभिव्यक्ति, सजीव हो बन जाए एक अनमोल कृति,
सात अजूबे इसके अंदर, लगते सारे बड़े ही सुन्दर। सात अजूबे इसके अंदर, लगते सारे बड़े ही सुन्दर।
सफ़र का राही अब हमारा मिला जुस्तजू ख़्वाब एकतरफा मिला। सफ़र का राही अब हमारा मिला जुस्तजू ख़्वाब एकतरफा मिला।
निशाचर का आगोश जब पसरे पहाड़ों पर, तेरे दीदार को व्याकुल एक प्यासी रुह निशाचर का आगोश जब पसरे पहाड़ों पर, तेरे दीदार को व्याकुल एक प्यासी रुह
अक्सर ये सोचते फिरते है आसमानो से आयी हुई को हम बस परी कहते है। अक्सर ये सोचते फिरते है आसमानो से आयी हुई को हम बस परी कहते है।
मैं तेरे दिल में जा बैठूँ तू मेरेे दिल में उतर जाए। मैं तेरे दिल में जा बैठूँ तू मेरेे दिल में उतर जाए।
ये बंधन नहीं ये है प्यारा सा आलिंगन बंध गया इसमें स्वच्छंद बेहद खूबसूरत है जीवन। ये बंधन नहीं ये है प्यारा सा आलिंगन बंध गया इसमें स्वच्छंद बेहद खूबसूरत है जी...
पर मेरे हाथों में मेंहदी आज भी तेरे नाम की ही सजाती हूँ मैं। पर मेरे हाथों में मेंहदी आज भी तेरे नाम की ही सजाती हूँ मैं।
धरती बने अपनी स्वर्ग समान दयाधर्म से भरा हो हृदयभाव। धरती बने अपनी स्वर्ग समान दयाधर्म से भरा हो हृदयभाव।
ना कुछ पाने की चाहत करता ना कुछ खोने की फिक्र करता। ना कुछ पाने की चाहत करता ना कुछ खोने की फिक्र करता।