कौन हो तुम ?
कौन हो तुम ?
क्या कोई बुरा सपना हो तुम
क्या हकीकत का आईना हो तुम
क्या कवि की कल्पना हो तुम
कितने डरावने हो तुम
क्या मेरे ख़्वाबों का अंत हो तुम
क्या मेरे हिस्से की ख़ुशी की शुरुआत हो तुम
क्या जीवन का अंत हो तुम
क्या पराये से लगते
कोई अपने हो तुम
क्या कुस्वप्न के भेस में
किसी मनचले का सपना हो तुम
क्या अंजाम हो तुम
कौन हो तुम
कौन हो तुम
कौन हो तुम
