चाँद
चाँद
-चंदन सा शीतल चांद, सावन भादों कि बादल बारिश के
बाद चांदनी कि चंचल किरणे अंबर से अवनी का स्वर्ग अप्सरा सा शृंगार !
अनंत अमर निष्कंटक आनंद अनुभूति अमृत वर्षा अमृत संचार का पूर्ण चांद !
दुनियां की आशाओं विश्वास का चांद जीवंत प्रकृति
चकोर की चाहत सपनो का साक्षात आज चांद !
चांद कि चांदनी में धरती दुल्हन शृंगार में,
यौवन के निखार में शरत पूर्णिमा चांद के सत्कार में
पल पल का जीवन खुशियों के संसार !
निराशा में आशा कि चमक का चांद, प्रेम कि पूर्णता
प्रेयसी की संपूर्णता हृदय की भावों के स्पर्श का मर्म चांद !

