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GOPAL RAM DANSENA

Romance

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GOPAL RAM DANSENA

Romance

कोई हमे उधार दे दे

कोई हमे उधार दे दे

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दिल का सुकून कोई हमे उधार दे दे

हलचल सी मची है इस मन में

बिरहा के इस तपती अगन में


सूझता नहीं कुछ इस जेहन में

तसल्ली का कोई हमें ठंडी फुहार दे दे

दिल का सुकून कोई हमे उधार दे दे

दूर तक दिखता है दिन के उजाले में

यहां वहां भागता हूं भरे पांव के छाले में

ढूढुं कहां तुझे जालिम भरम पाले मैं


कसकती है रोशनी कोई हमें अंधकार दे दे

दिल का सुकून कोई हमें उधार दे दे।


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