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Madhu Gupta "अपराजिता"

Classics

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Madhu Gupta "अपराजिता"

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राजा अमर सिंह प्रताप

राजा अमर सिंह प्रताप

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माता उनकी महारानी अजबेद पंवार और पिता महाराणा प्रताप रहे 

था नाम उनका अमर सिंह प्रताप, ज्येष्ठ पुत्र वह महाराणा प्रताप के रहे

‍ बाल अवस्था से ही वो वीर और साहसी और महारथी रहे, 

न्याय वीरता नेतृत्व और बहादुरी उनके अस्त्र- सत्र बने रहे....!! 


जब मुगलों ने किया राज्य पर उनके युद्ध भारी और घेर लिया चारों ओर से था, 

किया उत्कृष्ट प्रदर्शन उन्होंने अरावली पर्वत मालाओं के बीच से, 

किया सामना डटकर था, बड़ी वीरता से उनने मुगलो का संघार किया

महारथी बनकर संघ अपनी सेनानियों के तन मन की बाजी लगाते ही रहे....!! 


जब होने लगे संसाधन समाप्त और सेना भी मारी जाने लगी, 

मुगलों ने तब उन्हें घेर लिया और बंदी बना के साथ अपने ले चले, 

तब शांति संधि मुगलों के साथ राजा अमर प्रताप सिंह ने कर डाली थी, 

अंतहीन और वीरता पूर्ण प्रदर्शन उनका आज भी अतुलनीय है...!


संधि उपरांत उन्होंने सब राज पाट, अपने बेटे के नाम किया, 

और स्वयं के लिए पाँच साल महा सतियां आपड किनारे एकांत चुना, 

उनकी वीरता और बहादुरी के लिए, चक्रवीर की उपाधि से भी गया नवाजा था, 

था वीर प्रतापी राजा वो, जिसने अपने देश की खातिर जीवन समर्पित कर डाला....!


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