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Dinesh paliwal

Drama Action Inspirational

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Dinesh paliwal

Drama Action Inspirational

राहें

राहें

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जीवन सफर मंज़िलों का,

अनंत इच्छा, अनंत चाह,

सिर्फ खुशियां ही नहीं मिलती,

है दामन में सिमटी बहुत आह,

अनवरत वो,बढ़ता चला पथिक

धीर ज्यों सागर अथाह,

बुहारता, संवारता, निहारता,

अपलक अपने सफर की राह।।


दुष्वारियों की चुनौती भी थी,

और सब हारने के थे कितने डर ,

हर कदम आशंका से भरा,

थे फूल , पर कांटे भी मगर,

समेटता चला वो सब बस ,

निडर फैला के अपनी बांह,

स्वप्न मंजिल के आंख में,

प्रसस्त करता अपनी राह।।


कुछ याद सफर की अच्छी थी,

कुछ मन को नहीं भी भाती थी,

पर राह में बीती बात हरेक,

उस सफर की याद दिलाती थी,

ऐसे जाने कितने सफरों ,

और राहों का जीवन हैं संगम,

हर अनुभव और कसौटी से,

पोषित है जगत ,सब जड़ जंगम।।


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