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Ruchi Madan

Romance


4.5  

Ruchi Madan

Romance


प्यार या जिम्मेदारी

प्यार या जिम्मेदारी

1 min 612 1 min 612

अब ये इश्क़ मुहब्बत समझ आता नहीं ग़ालिब

अब तो तकरार में ही दिन रात गुज़र जाते हैं


उसकी आँखों का नशा भी चढ़ता नहीं सिर पर

ना हम अब पहले से यू ही गुनगुनाते है


जिसको देख कर दिन रात भूल जाते थे

आज पास होने पे भी नहीं हम मुस्कुराते है


प्यार तो आज भी उन्ही से है लेकिन

उनको खुश रखने में शायद बहुत थक जाते है



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