STORYMIRROR

Ramashankar Roy 'शंकर केहरी'

Romance

4  

Ramashankar Roy 'शंकर केहरी'

Romance

प्यार से कह देते

प्यार से कह देते

1 min
556

प्यार से कह देते

हम भी मना नहीं करते

रास्ते वहीं रहते हैं

राही बदलते रहते हैं

लब को संकोच था कहीं

नजरों से खरोच देते वहीं

दिले हाल समझ जाता

मन मौन ही रह जाता

तेरी नादानियों ने गजब किया

मेरी खामोशीयों को छेड़ दिया 

एक बार कह देते

राह ही बदल देते !!


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance