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शाह फैसल सुखनवर

Romance Fantasy

4  

शाह फैसल सुखनवर

Romance Fantasy

प्यार में

प्यार में

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400

खोए रहें यूं ही सदा प्यार में 

मिलती रहे रोज़ वफ़ा प्यार में 


दूर रहें दिल से गलतफहमियां

हो न कभी कोई गिला प्यार में 


नींद नहीं आई मुझे रात भर

ऐसा कई बार हुआ प्यार में 


काम नहीं आती कोई भी दुआ

लगती नहीं कोई दवा प्यार में 


एक कली भंवरे से जो मिल गई 

ख़ूब हसीं फूल खिला प्यार में 


हाथ में हैं हाथ तेरे जाने जां

ऐसा हसीं ख़्वाब बुना प्यार में 


बिजली सी फ़ैसल यूं उठी जिस्म से 

जब भी मुझे तूने छुआ प्यार में। 



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