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शाह फैसल सुखनवर

Abstract Romance Tragedy

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शाह फैसल सुखनवर

Abstract Romance Tragedy

यार से प्यार

यार से प्यार

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किस्मत वाला होता यार

जिसको मिलता सच्चा प्यार


आशिक़ कब डरते हैं जान

खुलकर कर दो अब इज़हार 


आऊंगा मिलने तुझसे 

मिलने को हो जा तैयार 


दिल मेरा दुख जाएगा 

जान करो ना यूं इनकार 


तुम बिन मेरे सपनों का

सूना है जानम घर बार


चप्पू से अपने दिल के

कश्ती मेरी कर दो पार 


कुछ न समझ आए फैसला

प्यार हुआ है पहली बार।


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