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Naveen Singh

Romance

3  

Naveen Singh

Romance

प्यार करता हूँ न जान

प्यार करता हूँ न जान

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जब कॉल करता हूँ तू व्यस्त है

अपनी ही जिंदगी मे मस्त है

याद रख सुबह सूरज उगता है

रात को उसका भी अस्त है


बोलती है हमेशा करते लड़ाई हो

कैसे समझाऊ तुम्हें 

तुम जान मेरे पूरी जिंदगी की कमाई हो

समय ही तो माँगता हूँ तुमसे 

तुम्हें मेरे प्यार पर कोई शक है

दिन के तेरे दो घंटे पर भी क्या मेरा नहीं हक है


आजा तुझे प्यार करना सिखाता हूँ 

आजा तुझे प्यार का असली अर्थ बताता हूँ 

सिर्फ सोना बाबू करना ही प्यार नहीं है

आजा तुझे जज्बातों को समझना सिखाता हूँ 


आज तेरा इंतजार मैं करता हूँ 

कल तू करेगी 

बस फर्क इतना है

मैं नही रहूँगा फिर तू रोएगी 


क्योंकि जब तक जिंदा हूँ तेरे साथ रहूँगा 

तू घंटो ,दिनो व्यस्त बताऐगी खुद को

मैं महीनों इंतजार करूँगा 

तू एक बार हाँ बोल के तो देख 

मैं पुरी रात तुझ से बात करूँगा 


प्यार करता हूँ न जान 

तू आ या ना आ

मैं रोज 14km साइकिल चलाऊँगा 

अपने पुराने ठिकाने जाके 

तेरे आने का वर्षो तक इंतजार करूँगा


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