STORYMIRROR

khushi kishore

Abstract

2  

khushi kishore

Abstract

प्यार की सौगातें

प्यार की सौगातें

1 min
67

धरती को तड़प थी आसमां से मिलन की

या थी आसमां को बेताबी प्रिय मिलन की

बारिश की बूंदे है या प्यार की सौगातें।।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract