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khushi kishore

Abstract

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khushi kishore

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प्यार की सौगातें

प्यार की सौगातें

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धरती को तड़प थी आसमां से मिलन की

या थी आसमां को बेताबी प्रिय मिलन की

बारिश की बूंदे है या प्यार की सौगातें।।


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