STORYMIRROR

Kavita Yadav

Romance

5.0  

Kavita Yadav

Romance

प्यार की कोई रीत नहीं

प्यार की कोई रीत नहीं

1 min
540


प्यार की कोई रीत नहीं

हार की कोई जीत नहीं

दिल से कुछ अपनाए तो

पहचान सदा जरुरी नहीं

हम और आप मिलते हैं यहाँ

बस, शब्दो से खिलते यहाँ

ना, मैंने कभी आपको देखा

ना ,आपने मुझे देखा है कभी

शब्दो से हम बन्ध गए ऐसे

जैसे ,जन्म जन्म का रिश्ता।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance