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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Romance Thriller

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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Romance Thriller

प्यार की ज़ाम

प्यार की ज़ाम

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सूमसान जैसे मेरे ईस जीवनमें,

तेरा आगमन कर दे ओ सनम,

दिल के दरवाजे खूल्ले है मेरे,

तूं दिलमें बसेरा करलें ओ सनम। 


मन मेरा पतझड़ बन गया हे,

तूं बसंत महेंका दे ओ सनम,

पथ्थर जैसे मेरे ईस दिलमें,

प्रेम ज्योत जलादें ओ सनम।


कलम- कागज लेकर बैठा हूं,

तूं अल्फाज बन जा ओ सनम,

तेरे प्यारकी गज़ल लिखता हूं,

तूं बंदिश मेरी बन जा ओ सनम।


प्यार की महेफल मै सजाता हूं,

तूं प्यार की ज़ाम बन जा ओ सनम,

नशे में मदहोंश बनुंगा मैं "मुरली",

तू अपने हाथों से पीला दे ओ सनम।


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