प्यार की ज़ाम
प्यार की ज़ाम
सूमसान जैसे मेरे ईस जीवनमें,
तेरा आगमन कर दे ओ सनम,
दिल के दरवाजे खूल्ले है मेरे,
तूं दिलमें बसेरा करलें ओ सनम।
मन मेरा पतझड़ बन गया हे,
तूं बसंत महेंका दे ओ सनम,
पथ्थर जैसे मेरे ईस दिलमें,
प्रेम ज्योत जलादें ओ सनम।
कलम- कागज लेकर बैठा हूं,
तूं अल्फाज बन जा ओ सनम,
तेरे प्यारकी गज़ल लिखता हूं,
तूं बंदिश मेरी बन जा ओ सनम।
प्यार की महेफल मै सजाता हूं,
तूं प्यार की ज़ाम बन जा ओ सनम,
नशे में मदहोंश बनुंगा मैं "मुरली",
तू अपने हाथों से पीला दे ओ सनम।

