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Sonam Kewat

Romance

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Sonam Kewat

Romance

प्यार और नफरत की जंग

प्यार और नफरत की जंग

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पता चला एक शर्त थी तेरे दोस्तों में

आखिर कौन मुझे पहले फसाएंगा

इस बार मै शर्त लगाऊंगी कि 

आखिर कौन मुझे पहले हंसाएगा 


ईश्क भी तूने किया धोखा भी तूने दिया 

बस अब तो दूर जाना जरूरी है 

ना रोक लेना तू मुझे फिर से क्योंकि 

तेरी आंखों में झूठ को देखकर भी

तुझे अपनाना मेरी मजबूरी है 


सही ही कहा था लोगों ने कभी कि 

कुछ जख्म कभी भरते नहीं है

इतनी बार तो तोड़ा है तुमने मुझे 

इस बार टूटने से हम डरते नहीं हैं 


जब प्यार था तो दर्द होता था 

अब नफरत का नया रंग होगा 

इस बार तू प्यार करेगा मैं दर्द दूंगी 

 मोहब्बत में एक नया जंग होगा 


बहुत रो लिया मैंने छुप-छुपकर 

अब जो भी होगा सरेआम होगा 

इस प्यार और नफरत की जंग में 

आखिर कोई तो नीलाम होगा


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