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पुल

पुल

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औरतें अकसर

पुल होती हैं

घर के तमाम

सदस्यों के बीच।


बुजुर्ग बाप और

अधेड़ उम्र के

बेटे के बीच

एक तरफ़ बहू

एक तरफ बीवी।


बातों को बिगड़ने से

बचाने की कोशिश में

कभी एक तरफ़ होती है

कभी दूसरी तरफ

फिर पुल बना

सुधारने की कोशिश

करती हैं घर का माहौल।


किशोर होते बच्चे

जब नहीं समझते

अपने पापा की बात

और उनका गर्म खून

ज़ोर मरने लगता है।


दूसरी तरफ उनके पापा

देने लगते हैं

अपने समय की दुहाई तो

फिर बन जाती हूँ पुल

बाप और बच्चों के बीच।


हमारे अपने सपने

हमारी अपनी इच्छायें

जब जोर मारने लगती है तो

हम फिर एक पुल का

निर्माण करतीं है

घर का बजट

घर की ज़िम्मेदारी

और अपने सपनों के बीच।


ऐसे है न जाने

कितने अनगिनत पुलों

का निर्माण करती हैं हम।


हमारी बनायी पुलों की

ख़ासियत ये है की

ये बहुत मजबूत होती है

उन पुलों की तरह नहीं

जो भ्रष्टाचार की वजह से

भर भरा कर गिर जाते हैं।


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