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दीपाली तांँती

Classics Fantasy Children

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दीपाली तांँती

Classics Fantasy Children

पतंग

पतंग

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पतंग की तरह उड़ना चाहूँ। 
चाहूँ लहराना पतंग की तरह। 

पतंग को देखकर दिल मेरा,
लगता है उछलने हिरण की तरह। 

इस दुनिया से दूर चलूं,
घने बादलों के पार कहीं। 

जहाँ जीवन हो उमंग की तरह। 
समुंद्री लहरों के तरंग की तरह। 

पतंग की तरह उड़ना चाहूँ। 
चाहूँ लहराना पतंग की तरह। 


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