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S Ram Verma

Romance

3  

S Ram Verma

Romance

परवाह !

परवाह !

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तुम लापरवाह हो 

यही सोच सोच कर 

मैं हर पल करता रहा

परवाह तुम्हारी,

पर अब लगता है 

मैं हर पल करता रहा 

जो परवाह तुम्हारी 

इसलिए तुम हो गयी 

लापरवाह इतनी, 

पर अब ऐसा सोचता हूँ 

कि जब मैं नहीं रहूँगा

साथ तुम्हारे तब 

तुम्हें कचोटेगी ये 

तुम्हारी लापरवाही, 

तब तुम्हे पता चलेगी 

कीमत उस परवाह की !


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