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Tripti Dhawan

Tragedy

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Tripti Dhawan

Tragedy

प्रोम्प 7, कलयुग के तीन बंदर

प्रोम्प 7, कलयुग के तीन बंदर

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मैं तो भक्त गांधी का,

मैं देश भक्त, सेनानी सा

जब जब देश भक्ति की बात होती है

मेरा तन जाग जाता है,

हौसलों से भरा मन

ऊँचाइयों पर भाग जाता है

क्योंकि मैं देश भक्त गांधी का,


न बुरा देखता हूँ ,

जब किसी की इज्जत उड़े तो

मैं आंखे मूंद लेता हूँ

न बुरा सुनता हूँ,

कोई किसी की बेटी का अपमान

करें तो कान तोप देता हूँ

न बुरा कहता हूं

कोई वहशी दरिंदा सामने हो तो


जान कर भी मैं मुँह नही खोलता हूँ

मैं देश भक्त हूँ, आज का देश भक्त

सारे वसूलों को अपने हिसाब से तोलता हूँ

खून बहुत खौलता है मेरा सब टी.वी. में देख कर

पर सामने हो तो कौन बोलता है।


हाँ पर मैं देश भक्त हूँ,

फेसबुक, ट्विटर, और व्हाट्सएप्प

प्रमाण हैं मेरी भक्ति का

मैं हर बार तिरंगा फैहराता हूँ,

जय माता की जय कार लगाता हूँ

बस अपने सामने किसी

माता की लाज गर लूटी जाए


तो मैं ऐसे ही तीन बंदर सा बन जाता हूँ

क्योंकि मैं देश भक्त हूँ, नायक हूँ,

कलयुग में पला दुःसाशन सा खलनायक हूँ।


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