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Tripti Dhawan

Fantasy

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Tripti Dhawan

Fantasy

माँ

माँ

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माँ , 

इसमें ऐसी क्या बात होती है,

जो यह न हो तो दुनिया रोती है,

जब तक साथ हो तो वो ही सहारा,

वो ही अपना भगवान होती है ।।


मेरी जन्म दाता भी वही है, 

मेरी भाग्य विधाता भी वही है,

मेरी ज़िंदगी के हर लम्हें में

मेरी आशा भी वही है ।।


घर का पूजन भी वही है,

प्रतिज्ञाओं का हवन भी वही है,

धूप की खुशबू भी वही है,

मेरी तो रूह भी वही है ।। 


हर रात की सुबह वही है,

हर खुशी की वजह वही है,

अंधियारों में झांक के जब देखा,

मेरा दीपक भी वही है ।। 


नैनों के आंसू भी वही है,

मेरी साथी वही है,

ये जो माँ है ना, साहब !

मेरी तो काशी भी वही है।


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