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Madhu Vashishta

Classics

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Madhu Vashishta

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परमात्मा पर विश्वास।

परमात्मा पर विश्वास।

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निर्जीव में भी प्राण फूंक सकता है।

भक्तों का विश्वास परमात्मा को भी मजबूर कर सकता है।

श्री हनुमान जी की भक्ति के आगे

श्री राम जी भी नतमस्तक हुए थे।

ऋषि विश्वामित्र को दे दिया था उन्होंने प्रण कि सूर्य डूबने से पहले एक राजा को मारेंगे।

लेकिन श्री हनुमान जी की अटूट भक्ति के कारण,

श्री हनुमान जी के के सतत राम नाम जप के कारण,

राजा को मारने में वह असफल ही हुए थे।

मीरा ने पिया था जब विष का प्याला।

श्री कृष्ण को भी आना ही पड़ा।

विष को बदल कर जल में उन्हें मीरा की रक्षा का बीड़ा उठाना ही पड़ा।

ध्यानु भगत, तुलसीदास, और अनेकों नाम है।

परमात्मा पर विश्वास से ही बनते भक्तों के काम है।

परमात्मा पर एक बार श्रद्धा बना कर तो देखो।

अपनी उलझनों को उन्हें सुना कर तो देखो।

तुम्हारी हर उलझनों को वह खुद ही सुलझा लेंगे।

अनहोनी को होनी में बदलते हुए वह तुमको दिखा देंगे।



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