STORYMIRROR

Rajbahadur Yadav

Romance

4  

Rajbahadur Yadav

Romance

प्रकृति के खजाने

प्रकृति के खजाने

1 min
444

दिल को बहलाने,

 मन को सजाने,

हम सुकून खोजते हैं।


निकल पड़े जब हम,

प्रकृति के खजाने,

सुंदर प्रसून ढूंढते हैं।। -2


पुष्पित घाटियों में,

पल्वित वादियों में,

मशगूल हो जाते हैं।


खींचती मनमोहक,

कुदरत की सोहक,

झीलों के सून ढूंढते हैं।


निकल पड़े जब हम,

प्रकृति के खजाने,

सुंदर प्रसून ढूंढते हैं।।-2


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance