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Rajbahadur Yadav

Romance

4  

Rajbahadur Yadav

Romance

प्रकृति के खजाने

प्रकृति के खजाने

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दिल को बहलाने,

 मन को सजाने,

हम सुकून खोजते हैं।


निकल पड़े जब हम,

प्रकृति के खजाने,

सुंदर प्रसून ढूंढते हैं।। -2


पुष्पित घाटियों में,

पल्वित वादियों में,

मशगूल हो जाते हैं।


खींचती मनमोहक,

कुदरत की सोहक,

झीलों के सून ढूंढते हैं।


निकल पड़े जब हम,

प्रकृति के खजाने,

सुंदर प्रसून ढूंढते हैं।।-2


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