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VanyA V@idehi

Tragedy

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VanyA V@idehi

Tragedy

प्रीत पुरानी, नहीं भुलानी

प्रीत पुरानी, नहीं भुलानी

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यह नहीं कोई है कथा या कहानी:

नहीं बकैती है किसी की यह बेमानी !

बात ये बड़ी अनोखी सी है समझानी :

अपने अनुभव से सीखी औ देखी जानी !


जीवन ने दिया है हमें यह अवसर :

अपनी बात बताने को मनमानी !

आतुर बड़ा होता है मन सुनाने को :

 दिल की बात अकुलाने को है जानी !


समय ने क्या-क्या दृश्य दिखाये :

चित्रण नहीं मैं कर सकती अज्ञानी !

ईश्वर ने ली मेरी खूब परीक्षा :

 वर्णन नहीं मैं ऐसे कर सकती रानी !


पर अब नहीं कोई दर्द सहना है :

 दर्द से नाता तोड़ दिया ये मानी !

कैसे जीना है हमें ये ज़िंदगी :

कला ये मैंने सीख लिया दिलजानी !


नहीं भरोसा अब क़िस्मत पर :

 पीछे उसको छोड़ दिया विरानी !

लक्ष्य ही हमारा सब कुछ है :

बस उधर राह मोड़ लिया तूफानी !


बहुत ज़रूरी कुछ किंवदंतियाँ हैं :

जिनका नहीं है जग में कोई सानी !

डटे रहो, सब कुछ सह जाओ :

आगे कदम बढ़ाए जाओ सैनानी !


बड़े बुजुर्ग सही कहा करते थे :

हिम्मत सदा बँधाते रहे विद्वानी !

हर मुश्किल का करो सामना

यही समझाते रहे पूर्वज महाज्ञानी !


अपने ह्रदय पटल पर स्मरण रखना :

इन अनमोल पलों को प्रीत पुरानी !

नहीं बिखरने देना ये नहीं है भुलानी :

इनमें निरंतर संघर्ष की है कहानी !


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