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Jaya Tagde

Drama

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Jaya Tagde

Drama

प्रगति

प्रगति

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जब उन्नति हो

निरंतर

प्रतिभा जिसके 

अंदर


तब प्रगति हो 

यकीनन

वास्तव में 

श्रीवास्तव


निकलो जब 

द्वार से

तलवार निकले जैसे

 म्यान से


तीखी अति तेज़ 

धार

कभी न करे 

वार


मदमस्त 

निगाहें

चोटिल 

आहें


मार्ग में जो

 आए

अश्रु बन बह 

जाए


मन जब 

प्रगति करे

तभी नारी 

उन्नति करे।


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