STORYMIRROR

Dr Hoshiar Singh Yadav Writer

Thriller Others

4  

Dr Hoshiar Singh Yadav Writer

Thriller Others

प्रेम

प्रेम

1 min
325

प्रेम प्रतीक्षा, बड़ा दर्द दे जाती,

तब जाके मिलन घड़ियाँ आती,

किस्मत का सेब खेल दिखाती,

खुशियां मिले फिर लौट जाती।


प्रेम प्रतीक्षा, कड़वा होता बाण,

घटती दृष्टि, घट जाती है घ्राण,

प्रेम मिलन में कभी बसे प्राण,

प्रेम बिना लगता जन निष्प्राण।


प्रेम प्रतीक्षा, सदियों से पुरानी,

कहीं हीर हुई कहीं राजा जानी,

प्रेम प्रतीक्षा नहीं, करे मनमानी,

मिलन होता कभी, नहीं हैरानी।


प्रेम मार्ग बहुत कठिन बताया,

चलकर गया उसने कुछ पाया,

मौत को जिसे गले से लगाया,

वो प्रेम में डुबकी लगा पाया।


प्रेम किया जब शीरी फरियाद,

उन्हें हसीं जमाना याद आया,

प्रेम प्रतीक्षा, मीरा ने किया था,

प्रभु श्रीकृष्ण का, प्यार पाया।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Thriller