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SHWETA GUPTA

Romance

3  

SHWETA GUPTA

Romance

प्रेम

प्रेम

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प्रेम की माटी जब

प्रेम से सींची जाए,

तब

प्रेम अंकुरित हो

प्रेम वृक्ष बन जाए,

और

प्रेम पुष्प की महक से 

प्रेम वसुंधरा महकाए।


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