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Sonam Kewat

Romance Action Classics

4  

Sonam Kewat

Romance Action Classics

प्रेम और वासना

प्रेम और वासना

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प्रेम और वासना


मर्द नहीं चाहता कभी प्रेम को

उसे वासना के रास्ते चलना ही सही लगता है

प्रेम में संघर्ष है

प्रेम में विरह है

प्रेम में पीड़ा है

प्रेम त्याग मांगता है

और प्रेम सब कुछ चाहता है


लेकिन वासना कभी कुछ नहीं मांगती

वह तो देह से देह की प्यास बुझाती है

वासना में न त्याग है, न पीड़ा है, न विरह है

इसमें सिर्फ आनंद है

भले ही पल भर का आनंद

पर यह प्यास बुझाने के लिए काफी है


इसलिए मर्द वासना को चुनता है

प्रेम की लड़ाई और जिंदगी का संघर्ष एक साथ

बोझ बन जाए तो वासना वाकई में नया रास्ता दिखाती है

फिर समझौते के नाम पर वासना साथ चलती है

जब वासना की अग्नि धधकती है

तो प्रेम धीरे-धीरे बुझ जाता है



प्रेम को चुनना कठिन है 

और वासना को चुनना आसान है

इसलिए मर्द वासना को चुनने के बाद 

मर्द कभी प्रेम को नहीं चुन पाता

 


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