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Navin Madheshiya

Romance

4  

Navin Madheshiya

Romance

यादें

यादें

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मैं खोया हुआ था तुम्हारी यादों में

तुमने मुझको जगा दिया

मैं सोया था तुम्हारे सपनों में

तुमने मुझको जगा दिया

बात चलेगी जब-जब मेरी

सामने आ जाऊंगा तुम्हारे

तुम्हारी चाय की चुस्कियों संग

टेबल पे तुम्हारे

कभी किताबों की झुरमुट से

कभी बीच तन्हाइयों में

कभी गुजरते वक्त के साथ

कभी आंसुओं में तुम्हारे

ना भुला सकोगे मुझको

बस छेड़ो और मैं आ गया

मैं खोया हुआ था तुम्हारी यादों में

तुमने मुझको जगा दिया

तुमने मुझको जगा दिया

मैं सोया था तुम्हारे सपनों में

तुमने मुझको जगा दिया

बात चलेगी जब-जब मेरी

सामने आ जाऊंगा तुम्हारे

तुम्हारी चाय की चुस्कियों संग

टेबल पे तुम्हारे

कभी किताबों की झुरमुट से

कभी बीच तन्हाइयों में

कभी गुजरते वक्त के साथ

कभी आंसुओं में तुम्हारे

ना भुला सकोगे मुझको।



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