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Anil Sharma

Romance Tragedy

4  

Anil Sharma

Romance Tragedy

प्रायश्चित

प्रायश्चित

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गुनाहों की मेरे, मुझको माफी दे दो 

दिल में अपने थोड़ी जगह दे दो।


नादानी की मेरे, अपनी समझदारी दे दो 

भूल को मेरी प्रायश्चित का मौका दे दो।


खुदगर्जी की मेरे, अपना अपनापन दे दो 

तुम्हें समझ सकूं अपना इतना हक दे दो।


बेवफाई बेरुखी की मेरे, अपनी वफा दे दो

यकीन में अपनी शामिल कर मेरी खुशियां दे दो।


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