STORYMIRROR

Anil Sharma

Inspirational

4  

Anil Sharma

Inspirational

जानवर / मानव

जानवर / मानव

1 min
402

तुम अधर्म ढोते रहो,

मैं धर्म पर चलूंगा

तुम बुराइयों का प्रतीक बनो,

मैं अच्छाइयों पर अडिग रहूंगा।

तुम लालसा में लिप्त रहो,

मैं संतुष्ट रहूंगा।

तुम तकदीर पर विश्वास करो,

मैं कर्म में लगा रहूंगा।

तुम कठोर बनो,

मैं करुणा लुटाता रहूंगा।

तुम जानवर बन जाओगे,

मैं मानव बना रहूंगा।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational