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Preeti Sharma "ASEEM"

Drama

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Preeti Sharma "ASEEM"

Drama

पोटली

पोटली

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रिश्तों की पोटली,

उठायें फिरता था।

मैं हर रिश्ते पर,

नाज़ करता था।


सब मेरे है।

मैं सब का,

यहीं बात करता था।


हालात कुछ,

इस कदर,

आये सामने।


मैं किन से,

किन -की ,

बात करता था।


मैं तो एक वहम लिए,

रिश्तों की पोटली को,

उठाए बस सफर करता था।


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