STORYMIRROR

dr Nitu Tated

Drama Romance

4  

dr Nitu Tated

Drama Romance

पिया बावरी

पिया बावरी

1 min
359

कूक रही कोयलिया प्यारी

आज मेरे अँगना में

साजन आओ भी अब

बहुत तरसे तेरी चाहत में

फूलों के गहनों से शृंगार किया

तेरे ही इंतज़ार में

कुमकुम, बिंदियाँ,नथ

और कँगन आहें भरे राह में

झूम उठा सारा आलम

पिया मिलन की चाह में

यादें तेरी देती सुंकूँ है,

विरह भरी,काली रातों में

बस भी करो,यूँ न तरसाओ

ले भी लो आगोश में

मदहोशी ही भली लगे अब

न रहना चाहूँ होश में

तुम बिन कुछ भी नहीं,


तू है चाँद मेरा, हूँ चकोर मैं

नज़र न लगे तुझे,बसा लूँ

बावरे नयनों की कोर में

पिया बावरी हुई जाऊँ

गिरिधर मेरे, तेरी राधा हूँ मैं

जनम-जन्म का साथ हमारा

बंधे अनोखे बन्धन में।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama