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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Romance Tragedy Thriller

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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Romance Tragedy Thriller

फ़रेब का शिकार

फ़रेब का शिकार

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तेरे इश्क में डूब गया था मैं,

कैसे बर्बाद हुआ वो मालूम नहीं,

सोचते सोचते अब मर गया हूं मैं,

मुझे कब्र में कभी चैन मिलेगा नहीं।


तेरे प्यार में फंस गया था मैं,

बाहर में कभी निकल पाया नहीं,

तड़प तड़प कर अब मर गया हूं मैं,

मुझे कब्र में कभी चैन मिलेगा नहीं।


तेरी बेवफाई से टूट गया था मैं,

मेरे दिल का दर्द मैं सहे पाया नहीं,

आज कब्रिस्तान में दफन हुआ हूं में,

मुझे कब्र में कभी चैन मिलेगा नहीं।


क्युं ऐसा किया ओ जानेमन मैं,

फ़रेबी इश्क को पहचान पाया नहीं।

तू फूल बिछा या धूप जला "मुरली",

मुझे कब्र में कभी चैन मिलेगा नहीं।



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