BINAL PATEL
Romance
बेरंग सी जिंदगी को अतरंगी बना दिया,
बेजान इस धड़कन को आपकी आहट ने जगा दिया,
खूब कहा करते थे शायर भी,
रंग जो चढ़ जाये कभी इश्क़ का तो जिंदगी रोशन है।
आज तेरे ही इस इश्क़ ने हमे रंगीन बना दिया।
सफरनामा
अटूट रिश्ता
'देश का पंछी'
अंधविश्वास
वो अक्सर ये क...
मेरा यक़ीन
'मेरे जीवनसाथ...
शब्द-साधना
दिल की आवाज़
गुरु-दक्षिणा
अब भी जागते हैं रात भर मैं तुझमें और तू मुझ में! अब भी जागते हैं रात भर मैं तुझमें और तू मुझ में!
खुद को मिटाकर उन्हें मुक्कमल कर दिया हमने। खुद को मिटाकर उन्हें मुक्कमल कर दिया हमने।
मैं प्यार उनसे करता हूँ सारी रात उनपे मरता हूँ! मैं प्यार उनसे करता हूँ सारी रात उनपे मरता हूँ!
कभी कभी अम्बर का मन हरा होना चाहता है ! कभी कभी अम्बर का मन हरा होना चाहता है !
तब ही समुन्दर से यादों का सैलाब उठा,मुझे बहा ले गया। तब ही समुन्दर से यादों का सैलाब उठा,मुझे बहा ले गया।
उनके हुक्म का पालन करने में, किस्मत ने भी खूब साथ दिया उनके हुक्म का पालन करने में, किस्मत ने भी खूब साथ दिया
अकाल से डगमगाते त्रस्त सारे जीव. अकाल से डगमगाते त्रस्त सारे जीव.
तुझ संग बीते वो पल याद बहुत आते हैं लाख भुलाना चाहें फिर भी भूल नहीं पाते हैं! तुझ संग बीते वो पल याद बहुत आते हैं लाख भुलाना चाहें फिर भी भूल नहीं पाते है...
आज जब हमारा बेटा, पुरानी डायरी में से उठा लाया।। आज जब हमारा बेटा, पुरानी डायरी में से उठा लाया।।
खामोशी भरी धड़कनों से उनको मनाना एक दिन। खामोशी भरी धड़कनों से उनको मनाना एक दिन।
मेरे इश्क की यही खराबी थी जिसने मुझे गै़र बुलाने कहा मेरे इश्क की यही खराबी थी जिसने मुझे गै़र बुलाने कहा
हमने सच में कभी इस बात को सोचा भी न था। हमने सच में कभी इस बात को सोचा भी न था।
इक अजनबी सी लड़की अक्सर मुझे है मिलती ! इक अजनबी सी लड़की अक्सर मुझे है मिलती !
तुम्हारी याद में हर लम्हा गुजारा है तेरे शाने पर रखकर सर हर ग़म हारा है तुम्हारी याद में हर लम्हा गुजारा है तेरे शाने पर रखकर सर हर ग़म हारा है
जुड़े थे जो कभी कुछ उम्मीद के तार रौशनी बन कर जिसने हमेशा साथ दिया जुड़े थे जो कभी कुछ उम्मीद के तार रौशनी बन कर जिसने हमेशा साथ दिया
सासों का कोई वजूद ना रहा जबसे धड़कनो से तुम जुड़ गये हो! सासों का कोई वजूद ना रहा जबसे धड़कनो से तुम जुड़ गये हो!
भले राह में हो, रिवाज-ए-मुसीबत, दिलों में खिलेगी, बहार-ए-मोहब्बत, भले राह में हो, रिवाज-ए-मुसीबत, दिलों में खिलेगी, बहार-ए-मोहब्बत,
सागर की गहराई से भी गहरा अपना प्यार फिर जुदाई दे गया तू मेरे दिल को हर बार सागर की गहराई से भी गहरा अपना प्यार फिर जुदाई दे गया तू मेरे दिल को हर बार
हमारी आंखोंं से बहते दरिया को किसी ने किनारा ना दिया! हमारी आंखोंं से बहते दरिया को किसी ने किनारा ना दिया!
जहां सिर्फ तुम और हम रहेंगे, और बिना किसी डर के तुम्हें अपना कह सकेंगे। जहां सिर्फ तुम और हम रहेंगे, और बिना किसी डर के तुम्हें अपना कह सकेंगे।