STORYMIRROR

Dr.SAGHEER AHMAD SIDDIQUI डॉक्टर सगीर अहमद सिद्दीकी

Romance

3  

Dr.SAGHEER AHMAD SIDDIQUI डॉक्टर सगीर अहमद सिद्दीकी

Romance

फिराक में तेरे लगता है कि घर खाली है

फिराक में तेरे लगता है कि घर खाली है

1 min
377

फिराक में तेरे लगता है कि घर खाली है।

करूं इजहार तो जज्बात की पामाली है।

तुझको दुनिया की निगाहों से बचा कर रख लूं।

तुम चले आओ मेरे दिल का मकां खाली है।

तेरी आंखों में शरारत है तू महबूबा है।

मेरी हमदम मेरी हमराज़ मेरी घरवाली है।

मुद्दतों दिल को संभाला है सगीर उसके लिए।

तब कहीं जाके मुहब्बत की नज़र डाली है।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance