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Praveen Kumar Saini "Shiv"

Romance

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Praveen Kumar Saini "Shiv"

Romance

मै तुम्हारा हूं

मै तुम्हारा हूं

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सुनो तुम परेशान मत हुआ करो

मैं बेशक दूर रहूं पर मैं तुम्हारा हूं।

मिलते हैं लोग रोज मोहब्बत में

मैं नहीं मिल पाता महीनों तक

फिर भी जानती है, मैं तुम्हारा हूं ।

देते हैं लोग एक दूसरे को तोहफे

कई, मगर मै तुमको दे नहीं पता

कभी तोहफा कोई, तोहफे से ना

तुम मेरा प्यार आंकना, मैं तुम्हारा हूं ।

एक दुसरे के बाहों में खो कर जिस्मानी

प्यास बुझाने वाले होते हैं लोग बहुत परंतु

हम दोनों तो मिल ना पाते, जिस्म से नहीं

तुम से प्यार किया है मैंने जानले, मैं तुम्हारा हूं ।

आदर सत्कार और प्यार हम दोनो में

हमने पाया, एक दूसरे के खातिर हमने

कितने अनकहे अरमानों को जलाया है

इसलिए प्रभु ने हमें मिलाया है

आज कहना है तुम से, मै तुम्हारा हूं ।।



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