Hemisha Shah
Drama
माँ_बाबा की दुलारी हूँ
बड़े नाज़ो से पाली हूँ
पीहर भी है घर मेरा
ससुराल में भी सजाई हूँ
पापा बोले" तु ससुराल की "
पति कहे" तु ना इस गांव की "
दोनों चौखट पे अपनी
पहचान बनाई हूँ
फिर भी में पराई हूँ।
अनजाना....
परियाँ....
बचपन....
यात्रा
वही तो प्रेम ...
याद..(शहीदों ...
अच्छी है दूरि...
एक माँ ...
विधाता तेरी क...
अन्नदाता..( f...
इन्हीं दिनों में ज़िंदगी मेरी परवान चढ़ी इन्हीं दिनों में तमन्नाओं को उमंग मिला। इन्हीं दिनों में ज़िंदगी मेरी परवान चढ़ी इन्हीं दिनों में तमन्नाओं को उमंग मि...
यादों की राख बची सिर्फ जेहन में मै उसके लिए वो मेरे लिए मर गया। यादों की राख बची सिर्फ जेहन में मै उसके लिए वो मेरे लिए मर गया।
मुझे क्या फ़िक्र मैं कश्तियां और दोस्त बेमिसाल लिए बैठा हूँ........ मुझे क्या फ़िक्र मैं कश्तियां और दोस्त बेमिसाल लिए बैठा हूँ........
कुछ अनकहे अल्फाज़ कुछ न समझ इशारे कुछ अनकहे अल्फाज़ कुछ न समझ इशारे
इस कविता की शैली में छुपी होंगी अनगिनत भावनाएं, शब्दों के मंजीर में बंद होंगे। इस कविता की शैली में छुपी होंगी अनगिनत भावनाएं, शब्दों के मंजीर में बंद होंगे...
तेरे हुस्न में दीवाना बनकर, तेरी गज़ल मुझे गाने दे। तेरे हुस्न में दीवाना बनकर, तेरी गज़ल मुझे गाने दे।
बेरुखी लिए दर से खुशियों की बरसात का मौसम कैसे लौट गया ? बेरुखी लिए दर से खुशियों की बरसात का मौसम कैसे लौट गया ?
"प्यार तो है हमेशा, अपनी भाषा में सीखता है"। "प्यार तो है हमेशा, अपनी भाषा में सीखता है"।
मैं दान नहीं कर रहा तुम्हें मोहब्बत के एक और बंधन में बाँध रहा हूँ उसे बखूबी निभाना तुम...! मैं दान नहीं कर रहा तुम्हें मोहब्बत के एक और बंधन में बाँध रहा हूँ उसे बखूब...
दरियाँ के लहरों में छुपी है तेरी आहट, सबसे कह रही है तू ज़िंदगी का राज़ है। दरियाँ के लहरों में छुपी है तेरी आहट, सबसे कह रही है तू ज़िंदगी का राज़ है।
जो कामचोर, आलसी लोग है, भयंकर वो पथ भ्रष्ट होते है, और करते है, नर जो कामचोर, आलसी लोग है, भयंकर वो पथ भ्रष्ट होते है, और करते है, नर
कैसे उनका पता पाता जेबों का वजन कम था। कैसे उनका पता पाता जेबों का वजन कम था।
जहां जिसकी जरूरत वैसी ही हो जाती है। जहां जिसकी जरूरत वैसी ही हो जाती है।
और जो आसमान से टूट के गिरा था वो तारा नही वो हम थे ! और जो आसमान से टूट के गिरा था वो तारा नही वो हम थे !
गरज के बरसे वो कुछ ऐसे की, हम रह गए तेरी यादों की बारिश बनकर। गरज के बरसे वो कुछ ऐसे की, हम रह गए तेरी यादों की बारिश बनकर।
छोटा बड़ा कोई पद न होता जरूरी पति प्रेम होता खुशहाल जीवन में। छोटा बड़ा कोई पद न होता जरूरी पति प्रेम होता खुशहाल जीवन में।
पैसा न हो पास, अपने वस्त्र भीतर अपनी जेल है।। पैसा न हो पास, अपने वस्त्र भीतर अपनी जेल है।।
तेरे प्यार में मैं हर पल दिवानी सी लगती हूं।। तेरे प्यार में मैं हर पल दिवानी सी लगती हूं।।
हो सके तो कभी किसी के सहारे न चले अपनी करनी से ही,कीचड़ में कमल खिले। हो सके तो कभी किसी के सहारे न चले अपनी करनी से ही,कीचड़ में कमल खिले।
नहीं रहे शकते तेरे बिना ज़ानेमन, मुझे तुजसे मोहब्बत है। नहीं रहे शकते तेरे बिना ज़ानेमन, मुझे तुजसे मोहब्बत है।