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Dr Lakshman Jha "Parimal"Author of the Year 2021

Tragedy

4  

Dr Lakshman Jha "Parimal"Author of the Year 2021

Tragedy

"फेसबुक मित्रों की बेरुखी"

"फेसबुक मित्रों की बेरुखी"

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बने क्यूँ मित्र बोलो तुम ,

कभी नहीं बात करते हो !

छुपे हो पर्दों के पीछे,

कभी नहीं हमको दीखते हो !!

ना तुमको जान पाया मैं,

नहीं कोई ठिकाना है !

कहाँ रहते हो बोलो तुम,

सही तुमको बताना है !!

बने अंजान जीवन भर ,

सदा तस्वीर को देखें !

सदा तुम मौन रहते हो,

भला हम तुमसे क्या सीखें !!

ना दुःख में साथ है तेरा,

ना सुख में मिलने की चाहत !

गुजरते हो जो राहों से ,

ना सुनते हो कोई आहट !!

कभी तो पूछ लो हमको ,

सुदामा- कृष्ण बन जाओ !

रहो तुम दूर ही सब दिन ,

कभी तो पास तुम आओ !!


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