पहचान
पहचान
कामयाबी की ओर ले चलूँ तुझे
इन छोटी कश्तियों का सहारा नहीं
जाना अकेले अपनी मंजिल पर
किसी से कुछ वास्ता नहीं
रखना अपनी अलग पहचान
इन चंद लम्हों की खुशी से कोई वास्ता नहीं
रहना अपनी मंजिल में
जहाँ उड़ान सबकी हो तुझे पाने की
पर तुझ सा कोई दूजा नहीं
हिम्मत से लड़ना अपनी जिंदगी की तन्हाई से
ये दुनिया है यहाँ रहना संभाल के किसी से कोई वास्ता न
अपनी पहचान रखना इन हवाओं की छनकार सा
जब चलो तो तेरी जयजयकार हो एक बौछार सा
हमेशा रहना अपनी लड़ाई में कुछ करने की
यहाँ तेरा मेरा किसका कौन सब भुलावा
मिलकर जूझकर लगाना अपनी लक्ष्य की निशानी को
वो मिलेगी तुझे वो तेरी पहचान हर हमेशा तेरी आरमान
कभी किसी की बिगड़ी बातों में उलझ कर
न रहना भीड़ अंधेरे को
है मालूम मुझे तू सिकंदर है इस जहाँ का
ये अमर कहानी रच अपनी कामयाबी की
यहाँ सिक्का अपना उछाल ले
छोड़ दे अपनी पहचान अपनी कामयाबी ले जा!!!
