Naveen kumar Bhatt
Horror
कितनी संवेदनाएं, कितनी वेदनाएं।
लोक भरी कथाएं, वीरों की गाथाएं।
जुड़ी हुई आस्थाएं, अविरल यात्राएं।।
सूरज की धाराएं, खिली हुई बालाएं।
चहुंओर दिशाएं, यहां आकर बताएं।
कैसी थी माताएं, करती थी चिंताएं।
पौराणिक कथाएं, हमको ये बताएं।।
गजल
मुक्तक
साहित्य उदय
ग़ज़ल
नेक दिल
साइंस फिक्शन
पौराणिक कथा
स्वतंत्रता
ख्वाब
वीरता मैदानेजंग मे ही नही दिखाई जाती है। वीरता मैदानेजंग मे ही नही दिखाई जाती है।
पुरुष को मिलते आधिकार है सारे नारी क्यूं अपना हक भी गवांती है।। पुरुष को मिलते आधिकार है सारे नारी क्यूं अपना हक भी गवांती है।।
कितने दिन तक और कब तक के लिए ? सोचना जरूर कितने दिन तक और कब तक के लिए ? सोचना जरूर
माया, ममता, मोह में, गया कौरवी वंश। शकुनी के इस प्रेम से,बचा न कुल में अंश। माया, ममता, मोह में, गया कौरवी वंश। शकुनी के इस प्रेम से,बचा न कुल में अंश।
बस जलता ही रहता है सदा खुद की मौत के साथ ही बुझता है। बस जलता ही रहता है सदा खुद की मौत के साथ ही बुझता है।
भागेगा उनके एक इशारे पर बंदर के तरह उछलकूद करते रहेगा। भागेगा उनके एक इशारे पर बंदर के तरह उछलकूद करते रहेगा।
आस्था का ही संसार भांति भाती के चोला दामन अनन्त चीत्कार पुकार पाखंड बलिवेदी मिट जाता आस्था का ही संसार भांति भाती के चोला दामन अनन्त चीत्कार पुकार पाखंड बलिवेदी ...
जीत हमारी होगी, संजोग सही होगा, सच हमारे साथ होगा। जीत हमारी होगी, संजोग सही होगा, सच हमारे साथ होगा।
वो संजीवनी है जो आपको पूरी तरह ठीक कर देगा। वो संजीवनी है जो आपको पूरी तरह ठीक कर देगा।
हरी पत्तियां न जिनको मिलती वे सब तो हैं आरा दिखते।। हरी पत्तियां न जिनको मिलती वे सब तो हैं आरा दिखते।।
पर्याय बस ये शब्द गिद्ध पर्याय बस ये शब्द गिद्ध।। पर्याय बस ये शब्द गिद्ध पर्याय बस ये शब्द गिद्ध।।
भुनता अंधविश्वास बीमारी है कुरीतियों कि महामारी है धर्म अधर्म शुभ में अशुभ अहंकार।। भुनता अंधविश्वास बीमारी है कुरीतियों कि महामारी है धर्म अधर्म शुभ में अशुभ अ...
रामदुलारी भय से भी नहीं डरती रामदुलारी के हाथ में लहू है रामदुलारी भय से भी नहीं डरती रामदुलारी के हाथ में लहू है
इतना खोकर अरे नियति फिर कौन जिएगा ? शेष रहेगा वही धरा से घृणा करेगा।। इतना खोकर अरे नियति फिर कौन जिएगा ? शेष रहेगा वही धरा से घृणा करेगा।।
प्रभु ही पार उतार सकेंगे, मन में ईश्वर स्मरण सदा करना।। प्रभु ही पार उतार सकेंगे, मन में ईश्वर स्मरण सदा करना।।
यह सब फालतू बकवास है। इस पर करो ना तुम विश्वास। यह सब फालतू बकवास है। इस पर करो ना तुम विश्वास।
बिना चांदनी कैसा लगता है, मुझसे पुछो बिना दोस्त सब सुनसान लगता है। बिना चांदनी कैसा लगता है, मुझसे पुछो बिना दोस्त सब सुनसान लगता है।
कछुआ जिसका काम उसी को साजे और करे तो बस डंडा पीठ पर बाजे। कछुआ जिसका काम उसी को साजे और करे तो बस डंडा पीठ पर बाजे।
वो धन्य थे वो सच में महान थे। वो धन्य थे वो सच में महान थे।
तभी हो रहीं हैं निर्भया, श्रद्धा साथ जैसी अनहोनियां ! तभी हो रहीं हैं निर्भया, श्रद्धा साथ जैसी अनहोनियां !