Naveen kumar Bhatt
Horror
कितनी संवेदनाएं, कितनी वेदनाएं।
लोक भरी कथाएं, वीरों की गाथाएं।
जुड़ी हुई आस्थाएं, अविरल यात्राएं।।
सूरज की धाराएं, खिली हुई बालाएं।
चहुंओर दिशाएं, यहां आकर बताएं।
कैसी थी माताएं, करती थी चिंताएं।
पौराणिक कथाएं, हमको ये बताएं।।
गजल
मुक्तक
साहित्य उदय
ग़ज़ल
नेक दिल
साइंस फिक्शन
पौराणिक कथा
स्वतंत्रता
ख्वाब
अब तो सीधी रोड़ में भी है टक्कर सफर के मुसाफिर। अब तो सीधी रोड़ में भी है टक्कर सफर के मुसाफिर।
अरे बाप रे, आयी मुसीबत कह कर, वो चिल्लाया। अरे बाप रे, आयी मुसीबत कह कर, वो चिल्लाया।
कहना है तो बस करना होगा, मन में कोई दुविधा मत रखो। कहना है तो बस करना होगा, मन में कोई दुविधा मत रखो।
ये जिंदगी शायद मैंने पछतावे में गुज़र ली। ये जिंदगी शायद मैंने पछतावे में गुज़र ली।
हार कर अब नियति मान बैठी है इसको अनकहे भावों की दास्तां वही पुरानी है। हार कर अब नियति मान बैठी है इसको अनकहे भावों की दास्तां वही पुरानी है।
दीबा है मेरा नाम मेरे रुप कई हैं हूँ धूप कहीँ और कहीँ सावन की झड़ी हूँ दीबा है मेरा नाम मेरे रुप कई हैं हूँ धूप कहीँ और कहीँ सावन की झड़ी ...
धड़कने बढ़ने लगीं जब धुंधला दिखने लगा साया धड़कने बढ़ने लगीं जब धुंधला दिखने लगा साया
लहू का रूप हो गया लाल, हृदय ने आंसू ढरकाए। लहू का रूप हो गया लाल, हृदय ने आंसू ढरकाए।
हो जाए बलात्कार तो लड़की को दोष देते हैं लड़की से ही क्यों 50 सवाल पूछते हैं। हो जाए बलात्कार तो लड़की को दोष देते हैं लड़की से ही क्यों 50 सवाल पूछते हैं...
अटकी साँस हमारी ऐसे जैसे बचेगी जान नहीं अटकी साँस हमारी ऐसे जैसे बचेगी जान नहीं
नहीं पता कैसे वो माने, यूं देर लगेगी आने में। नहीं पता कैसे वो माने, यूं देर लगेगी आने में।
उसने एक बच्चे को बहलाया-फुसलाया, और एकांत कमरे में जाकर मारकर खाया। उसने एक बच्चे को बहलाया-फुसलाया, और एकांत कमरे में जाकर मारकर खाया।
जिस दिन कलम छूट जाये, लगता हूं जगत बड़ा अनाथ। जिस दिन कलम छूट जाये, लगता हूं जगत बड़ा अनाथ।
जैसे ही कुछ कदम उठाए हम दोनों ने, अचानक एक काली बिल्ली सामने आई। जैसे ही कुछ कदम उठाए हम दोनों ने, अचानक एक काली बिल्ली सामने आई।
क्या उसे लिखें क्या उसे कहें जिस ने कर के बे-जान, फिर जान-ए-जाँ भी लिखा है। क्या उसे लिखें क्या उसे कहें जिस ने कर के बे-जान, फिर जान-ए-जाँ भी लिखा है...
रात के साए में एक सफेद साया है, जाने कितने शरीरों को इसने एक साया बनाया है। रात के साए में एक सफेद साया है, जाने कितने शरीरों को इसने एक साया बनाया है।
विसर्जन के बाद बस कुछ पल मौन ही साथ होता है। विसर्जन के बाद बस कुछ पल मौन ही साथ होता है।
एक सच्चे देशभक्त की, यह सच्ची कहानी है। एक सच्चे देशभक्त की, यह सच्ची कहानी है।
मेरी नींद खुल गई और ये एक भयानक सपना ही था। मेरी नींद खुल गई और ये एक भयानक सपना ही था।
होगा"ज्ञानू गोपाल"जल्दी, मरना तेरा। मान लो............. होगा"ज्ञानू गोपाल"जल्दी, मरना तेरा। मान लो.............