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Naveen kumar Bhatt

Horror

4  

Naveen kumar Bhatt

Horror

पौराणिक कथा

पौराणिक कथा

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कितनी संवेदनाएं, कितनी वेदनाएं।

लोक भरी कथाएं, वीरों की गाथाएं‌।


जुड़ी हुई आस्थाएं, अविरल यात्राएं।।

सूरज की धाराएं, खिली हुई बालाएं।


चहुंओर दिशाएं, यहां आकर बताएं।

कैसी थी माताएं, करती थी चिंताएं।


पौराणिक कथाएं, हमको ये बताएं।।


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