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Naveen kumar Bhatt

Romance

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Naveen kumar Bhatt

Romance

साहित्य उदय

साहित्य उदय

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उदय हुआ साहित्य का, संगम सकल जहान।

अलंकरण संपादकीय, यश कीरत गुणगान।।


कुशल क्षेम से कर रहे, समय समय पर ध्यान।

हिन्दी का उन्नयन हुआ, संगम सदा महान।।


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