Naveen kumar Bhatt
Fantasy
जानबूझकर ब्लाक करेंगे पागल हो।
खुद कमरे को लाक करेंगे पागल हो।
दो मुंही बातों में पड़ने वालों में नहीं,
ऐसी इज्जत खाक करेंगे पागल हो।।
गजल
मुक्तक
साहित्य उदय
ग़ज़ल
नेक दिल
साइंस फिक्शन
पौराणिक कथा
स्वतंत्रता
ख्वाब
आहिस्ता - आहिस्ता भ्रमर पास आता, प्यार से उसके गले लग जाती आहिस्ता - आहिस्ता भ्रमर पास आता, प्यार से उसके गले लग जात...
आसमान से देख रहा हूँगा एक दिन, कोई मेरी वफ़ा के किस्से पढ़ रहा है। आसमान से देख रहा हूँगा एक दिन, कोई मेरी वफ़ा के किस्से पढ़ रहा है।
या निगाहें मिलाकर बैठो साथ मेरे और फिर प्यार ना हो तो बता देना या निगाहें मिलाकर बैठो साथ मेरे और फिर प्यार ना हो तो बता देना
दुआएँ फिर भी सबको हँसकर दिए जा रहा हूँ। दुआएँ फिर भी सबको हँसकर दिए जा रहा हूँ।
हर साल में एक नए रूप में आता हूं, कभी अच्छा कभी बुरा कहलाता हूं। हर साल में एक नए रूप में आता हूं, कभी अच्छा कभी बुरा कहलाता हूं।
ये सर्द रात तनहाई की रात है। ये सर्द रात एक लम्बी रात है। ये सर्द रात तनहाई की रात है। ये सर्द रात एक लम्बी रात है।
तेरे बिना जीना सोच भी नहीं सकता तू नहीं तो मेरी जिंदगी भी नहीं है तेरे बिना जीना सोच भी नहीं सकता तू नहीं तो मेरी जिंदगी भी नहीं है
हसीन सपने ये भी दिखाएगा कई रास्ते खोजे थे उसमें नई मंजिले ये दे जाएगा हसीन सपने ये भी दिखाएगा कई रास्ते खोजे थे उसमें नई मंजिले ये दे जाएगा
अपनेपन का अलख जगे नित, सबके जीवन का निष्कर्ष हो। अपनेपन का अलख जगे नित, सबके जीवन का निष्कर्ष हो।
ऐसा तो पहले कभी ना हुआ था किसी ने कभी दिल ना ऐसे छुआ था ऐसा तो पहले कभी ना हुआ था किसी ने कभी दिल ना ऐसे छुआ था
पोशीदा से लिखे हुए उनके खत के हर वो हर्फ एक ग़ज़ल बन जाएं। पोशीदा से लिखे हुए उनके खत के हर वो हर्फ एक ग़ज़ल बन जाएं।
और गर्व है मुझे इस बात का कि मैं रहती हूं वहाँ जहाँ देश भर में मेरे राज्य की चर्चा है। और गर्व है मुझे इस बात का कि मैं रहती हूं वहाँ जहाँ देश भर में मेरे राज्य की...
न जाने क्यों हर बार दूर होने पर हो जाती हैं आंखें नम। न जाने क्यों हर बार दूर होने पर हो जाती हैं आंखें नम।
रखकर मेरा सर अपनी गोद मे, उन हल्की थपकियों से मुझे सुला दिया। रखकर मेरा सर अपनी गोद मे, उन हल्की थपकियों से मुझे सुला दिया।
दूरियां जब से बढ़ी है प्यार में तुमसे सनम रोज़ आती है उल्फ़त की याद बातें आपकी दूरियां जब से बढ़ी है प्यार में तुमसे सनम रोज़ आती है उल्फ़त की याद बातें आपकी
मेरे यह मेरा वह सब बोलते हे यहाँ... किसे पता साझेदारी कब तक रहने वाली हे.. मेरे यह मेरा वह सब बोलते हे यहाँ... किसे पता साझेदारी कब तक रहने वाली हे..
हरे रंग के आंचल में, ये परी बेमिसाल क्यों ? हरे रंग के आंचल में, ये परी बेमिसाल क्यों ?
यह दिल के सौदागर बस मोल लगाएंगे ये आज जो बहते हैं। यह दिल के सौदागर बस मोल लगाएंगे ये आज जो बहते हैं।
अद्भुत दृश्य देख आज यहाँ मन हो आया बैठ जाने का, वो अद्भुत रमणीय पल दूर न हो जाए आँखों अद्भुत दृश्य देख आज यहाँ मन हो आया बैठ जाने का, वो अद्भुत रमणीय पल दूर न हो ज...
अच्छी खासी खुशनुमा कहानी में मैं मौत का दर्दनाक मंजर डाल देता हूं। अच्छी खासी खुशनुमा कहानी में मैं मौत का दर्दनाक मंजर डाल देता हूं।