STORYMIRROR

Naveen kumar Bhatt

Fantasy

3  

Naveen kumar Bhatt

Fantasy

मुक्तक

मुक्तक

1 min
126

जानबूझकर ब्लाक करेंगे पागल हो।

खुद कमरे को लाक करेंगे पागल हो।


दो मुंही बातों में पड़ने वालों में नहीं,

ऐसी इज्जत खाक करेंगे पागल हो।।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Fantasy