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Anil Jaswal

Classics

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Anil Jaswal

Classics

पौधे से वृक्ष भर की यात्रा।

पौधे से वृक्ष भर की यात्रा।

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एक पौधा लगाइए,

उसकी सेवा करिए,

उसको पानी दीजिए,

खाद डालीए,


हर हफ्ते,

उसकेे चारों ओर,

सफाई कीजीए,

उसकी सुरक्षा कीजिए।


फिर एक दिन बड़ा होकर,

वो वृक्ष बनेगा,

आपको फल और फूल देगा,

बैठने के लिए,

छाया देगा,


सांस लेने के लिए,

साफ सुुथरी हवा देगा,

ताउम्र आपसे,

कुछ नहीं मांगेगा,

एक निस्वार्थ दोस्त की तरह,

आपका‌ साथ देेगा।


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