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Preeti Sharma "ASEEM"

Tragedy

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Preeti Sharma "ASEEM"

Tragedy

पैसा

पैसा

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बना कर पैसा इंसान ने कागज़ को रब कर डाला।

किसी का ईमान छीना किसी को बेगैरत कर डाला।


बना कर पैसा इंसान ने कागज़ को रब कर डाला।

किसी को दे दिया इतना किसी को मोहताज कर डाला।


बना कर पैसा इंसान ने कागज़ को रब कर डाला।

कोई भागता रहा इसके पीछे किसी ने सारा ही किसी के नाम कर डाला।


बना कर पैसा इंसान ने कागज़ को रब कर डाला।

कोई पाकर भूला बैठा दुनिया जिसके पास नहीं उसे दुनिया ने बेगाना कर डाला।


बना कर पैसा इंसान ने कागज़ को रब कर डाला।

किसी के गुनाह छुपा दिये किसी को मुजरिम कर डाला।


बना कर पैसा इंसान ने कागज़ को रब कर डाला।

किसी को जिंदगी दे दी किसी को मौत के हवाले कर डाला।


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