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Vikas Sharma

Tragedy

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Vikas Sharma

Tragedy

ओ रामजी, बड़ा दुःख दीना

ओ रामजी, बड़ा दुःख दीना

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ओ रामजी, बड़ा दुःख दीना

तेरे इस कोरोना ने, बड़ा दुःख दीना

तेरे कोरोना ने, बड़ा दुःख दीना

सुध बुध बिसरायी, सबकी नींदे चुराई

सबका मुश्किल कर दिया जीना

बड़ा दुःख दीना

तेरे कोरोना ने बड़ा दुःख दीना

ओ रामजी, बड़ा दुःख दीना


वो वायरस है, मैं इंसान हूँ

वो वायरस है, मैं इंसान हूँ

वो हँसता है, मैं रोता हूँ

मेरे दर्द की कदर उसे होगी मगर

मुझे जहर पड़ेगा पीना

बड़ा दुःख दीना, बड़ा दुःख दीना

तेरे कोरोना ने बड़ा दुःख दीना


सबकी अँखियाँ, सबके सपने

सबकी अँखियाँ, सबके सपने

ले गया सब कुछ साथ वो अपने

ये जाने निगोड़ी जाने काहे को छोड़ी

इस वायरस ने सब कुछ छीना

बड़ा दुःख दीना, बड़ा दुःख दीना

तेरे कोरोना ने बड़ा दुःख दीना


सा ग रे सा, सा ग म प

ग म प प म ग ग सा

सुनकर मेरी राम दुहाई

सुनकर मेरी राम दुहाई

देखो वो फिर भी नहीं जा रहा हरजाई

निर्मोही ये कैसा जो मैं जानता ऐसा

तो मैं जाता भीड़ में कभी ना

बड़ा दुःख दीना

तेरे कोरोना ने बड़ा दुःख दीना

बड़ा दुःख दीना


धुन : ओ रामजी, बड़ा दुःख दीना

फिल्म : राम लखन 


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