STORYMIRROR

Vikas Sharma

Romance

3  

Vikas Sharma

Romance

वृद्वावस्था का प्रेम

वृद्वावस्था का प्रेम

1 min
189

पुरानी पीढ़ी में सहन शक्ति थी 

इसीलिए आज भी ६०-७०-८० साल के वैवाहिक जीवन के साथ 

उम्र से बुजुर्ग पर दिल से जवां आज भी साथ हैं 


पुरानी पीढ़ी में हाथ थामने की परंपरा थी 

परिणाम आज तक भी हाथों में हाथ है 

आज की पीढ़ी ब्रेकअप और रिलेशनशिप में विश्वास रखती है 

इसलिए कुछ दिनों में ही तू नहीं और सही और नहीं कोई और सही वाली बात है 


वृद्वावस्था का प्रेम जैसे तू पतंग मैं डोर 

वृद्वावस्था का प्रेम जैसे जैसे तू आस्था मैं विश्वास 

वृद्वावस्था का प्रेम जहाँ तुझमें रब दिखता है 

वृद्वावस्था का प्रेम जहाँ सुख के ही नहीं दुःख के भी साथी 


वृद्वावस्था का प्रेम आज भी साथ खाना 

वृद्वावस्था का प्रेम तू मेरी आँखें मैं तेरे पैर

वृद्वावस्था का प्रेम तू मेरी धड़कन और मैं तेरी आत्मा 

वृद्वावस्था का प्रेम जहाँ केवल है -समर्पण -समर्पण और समर्पण !


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance